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हरियाणा में कांग्रेस नगर परिषद और नगर निगम के चुनाव लड़ेगी अपने चुनाव चिन्ह पर

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला

Satyakhabarindia

 

सत्य खबर हरियाणा

Local Body Election : हरियाणा में निकट भविष्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी अपने चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतरेगी। पार्टी ने तय किया है कि नगर निगम के चुनाव में पार्टी निगम पार्षद और मेयर का चुनाव अपने चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी। नगर परिषद के चुनाव में पार्टी अध्यक्ष का चुनाव अपने चुनाव निशान पर लड़ेगी लेकिन अगर पार्षद के चुनाव के लिए जिला कांग्रेस कमेटी चुनाव चिन्ह पर लड़ने का फैसला करती है तो वह भी किया जाएगा। नगर पालिका के चुनाव में पार्टी की जिला इकाई का फैसला अंतिम होगा।

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कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व ने आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। पार्टी ने फैसला किया है कि वह सभी नगर निगमों में मेयर और पार्षद पद का चुनाव पार्टी के सिंबल (हाथ का पंजा) पर लड़ेगी। हालांकि अभी तीन नगर निगम के चुनाव होने थे लेकिन कांग्रेस के रविंद्र रावल की याचिका पर हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया है। यह चुनाव अब लंबे समय के लिए टलते हुए नजर आ रहे हैं। अगले साल मई-जून में प्रदेश की 46 नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के चुनाव होने वाले हैं।

पिछले कुछ सालों में कांग्रेस अक्सर स्थानीय निकाय चुनावों में सीधे सिंबल पर उतरने से बचती रही है, ताकि स्थानीय स्तर पर गुटबाजी को रोका जा सके। लेकिन 2025 के नगर निगम चुनावों के अनुभवों और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी अब ‘फ्रंटफुट’ पर खेलने की तैयारी में है।

इस फैसले के पीछे के 3 मुख्य कारण

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सिंबल पर चुनाव लड़ने से कार्यकर्ताओं को सीधा संदेश जाता है कि पार्टी सक्रिय है।कांग्रेस शहरी इलाकों में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है। सिंबल पर लड़ने से पार्टी को अपने वास्तविक जनाधार का अंदाजा लगेगा।भाजपा हमेशा से नगर निगम चुनाव अपने चुनाव चिह्न ‘कमल’ पर लड़ती आई है। कांग्रेस के इस फैसले से मुकाबला अब सीधा और दिलचस्प हो जाएगा।

गुटबाजी पर लगाम लगाने की चुनौती

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सिंबल पर चुनाव लड़ना कांग्रेस के लिए एक दोधारी तलवार जैसा है। जहाँ इससे संगठन मजबूत होगा, वहीं टिकट वितरण के दौरान गुटबाजी भी उभर सकती है। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि केवल जिताऊ और वफादार उम्मीदवारों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

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